मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से कर्मचारी महासंघ ने की मुलाकात, वरिष्ठता और कैशलेस सुविधा की उठाई मांग
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर प्रदेश के लाखों कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को उनके समक्ष रखा।
- प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कई शिक्षक-कर्मचारी विगत 20-25 वर्षों सेवारत हैं। किसी की प्रथम नियुक्ति 1990, किसी की 1992, 1995, 1998 और किसी की 2005 है। सेवा पुस्तिका और शासकीय रिकॉर्ड में नियुक्ति दिनांक पुरानी दर्ज होने के बावजूद IFMS पोर्टल पर वरिष्ठता 2018 से दिखाई जा रही है। इससे कर्मचारियों की 20-25 साल की सेवा अवधि वरिष्ठता में शून्य मानी जा रही है। यही समस्या मंडी बोर्ड भोपाल सहित अन्य विभागों में भी सामने आ रही है। - कैशलेस चिकित्सा सुविधा का प्रस्ताव
संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने प्रदेश के करीब 12-13 लाख शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी और पेंशनरों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने का निवेदन किया। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारी के समय आर्थिक रूप से कमजोर कर्मचारियों को इससे राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पर सकारात्मक जवाब देते हुए कहा कि इस संबंध में कार्रवाई जारी है और शीघ्र ही कैबिनेट बैठक में कैशलेस सुविधा का प्रस्ताव रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि वे प्रदेश के कर्मचारियों-अधिकारियों की चिंता को लेकर गंभीर हैं और गंभीर बीमारी में कैशलेस लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाएगा।
इस अवसर पर संयुक्त मोर्चा के जिला अध्यक्ष डॉ. अशफाक खान, सदानंद कापसे, राजेश साल्वे, अनिल बाविस्कर और धर्मेंद्र चौकसे उपस्थित रहे।


