ताप्ती सेवा समिति ने अंतिम संस्कार कर्मकांड के बाद ताप्ती स्वच्छता का दिया संदेश

ताप्ती सेवा समिति ने अंतिम संस्कार कर्मकांड के बाद ताप्ती स्वच्छता का दिया संदेश
पुण्यात्मा को श्रद्धांजलि के साथ परिजनों से नदी में पूजन सामग्री व पन्नी न डालने की अपील
बुरहानपुर। सनातन धर्म में परिवार में किसी सदस्य के निधन के पश्चात बाल त्याग (मुंडन) सहित विभिन्न कर्मकांड एवं पूजा-अर्चना के माध्यम से दिवंगत आत्मा की शांति एवं मोक्ष की कामना करने की परंपरा रही है। इसी धार्मिक आस्था के सम्मान के साथ ताप्ती सेवा समिति, बुरहानपुर द्वारा लालबाग क्षेत्र से आए एक परिवार के कर्मकांड कार्यक्रम में सहभागिता कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा शोकाकुल परिवार को इस दुखद घड़ी में ईश्वर से शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की गई।
कार्यक्रम के उपरांत समिति सदस्यों ने परिजनों से छोटा सा आग्रह करते हुए कहा कि हम यहां एक पुण्यात्मा को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे हैं, इसलिए कर्मकांड में प्रयुक्त होने वाली सामग्री, अवशिष्ट एवं पन्नी को ताप्ती नदी में प्रवाहित न करें और न ही नदी किनारे छोड़ें। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी सामग्री को एकत्र कर उचित स्थान पर निस्तारित करने का अनुरोध किया गया।
समिति द्वारा मौके पर उपस्थित पंडित जी से भी आग्रह किया गया कि वे धार्मिक कर्मकांड के लिए ताप्ती तट पर आने वाले परिवारों को ताप्ती स्वच्छता के प्रति जागरूक करें और पूजन सामग्री, पन्नी एवं अन्य अवशेष नदी में न डालने के लिए प्रेरित करें।
ताप्ती सेवा समिति ने कहा कि धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि दोनों को साथ लेकर चलना हमारी जिम्मेदारी है। ताप्ती नदी की पवित्रता बनाए रखना केवल किसी एक संस्था का नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु और नागरिक का दायित्व है।
इस अवसर पर देवचरण शर्मा, विजय राठौर, डॉ. यूसुफ खान, पुनीत संकले सहित अन्य समाजसेवी उपस्थित रहे।



