मां ताप्ती के आंचल में अब नहीं गिरेगा 19 नालों का गंदा पानी, 85 करोड़ की सीवरेज योजना को मिली स्वीकृति, अर्चना चिटनिस ने माना आभार
बुरहानपुर। सूर्यपुत्री मां ताप्ती के संरक्षण की दिशा में बुरहानपुर के लिए यह क्षण अत्यंत भावुक, ऐतिहासिक और संघर्षों से भरी सफलता का प्रतीक बन गया है। विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) के सतत प्रयासों, दृढ़ संकल्प और जनहित के प्रति संवेदनशीलता के परिणामस्वरूप बुरहानपुर नगर निगम की बहुप्रतीक्षित सीवरेज द्वितीय चरण योजना को अमृत-2.0 के अंतर्गत चार बार टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अंततः राज्य स्तरीय स्वीकृति प्राप्त हो गई है। यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि मां ताप्ती को प्रदूषण से बचाने की एक निर्णायक पहल है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर श्रीमती अर्चना चिटनिस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल के सहयोग एवं निरंतर समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन की साझा संवेदना, धैर्य और प्रतिबद्धता से ही यह कठिन लक्ष्य संभव हो सका। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का विजन हमारा मिशन है। इसी सोच के अनुरूप अमृत-2.0 योजनांतर्गत यह परियोजना बुरहानपुर में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नदी स्वच्छता को सुदृढ़ करने की दिशा मे क्रियान्वित की जा रही है।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि मां ताप्ती केवल एक नदी नहीं, बल्कि बुरहानपुर की आस्था, संस्कृति और जीवनरेखा हैं। वर्षों से शहर के 19 प्रमुख नालों का गंदा पानी बिना उपचार के मां ताप्ती में मिल रहा था, जो हर संवेदनशील नागरिक के लिए पीड़ादायक था। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि यह स्थिति लंबे समय से मन पर बोझ बनी हुई थी, लेकिन बार-बार टेंडर निरस्त होने और तकनीकी अड़चनों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। आज इस योजना की स्वीकृति से यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि मां ताप्ती को प्रदूषण से मुक्ति दिलाई जा सकेगी।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बताया कि अमृत-2.0 योजना के अंतर्गत तैयार की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 85.00 करोड़ की निविदा दरों को नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय की राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (एसएलटीसी) द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है। इस योजना के क्रियान्वयन से मां ताप्ती में मिलने वाले 19 प्रमुख नालों के दूषित पानी को रोका जाएगा, तथा उसे वैज्ञानिक पद्धति से उपचारित कर ही आगे प्रवाहित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सीवरेज द्वितीय चरण योजना के अंतर्गत शहर के शेष क्षेत्रों में सीवेज कलेक्शन नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा, जिससे संपूर्ण शहर का सीवेज सुव्यवस्थित रूप से एकत्रित होकर शुद्धिकरण प्रक्रिया से गुजरेगा। यह योजना केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढि़यों के लिए स्वच्छ जल, स्वस्थ पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव है।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि यह परियोजना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की संवेदनशील एवं विकासोन्मुखी सोच तथा नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जी के कुशल मार्गदर्शन का प्रतिफल है। उन्होंने विश्वास जताया कि महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल, नगर निगम और प्रशासन के समन्वय से यह योजना शीघ्र ही धरातल पर उतरेगी और मां ताप्ती को गंदे पानी से बचाने का संकल्प साकार होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सीवरेज द्वितीय चरण योजना के पूर्ण होने के बाद बुरहानपुर स्वच्छता, जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा और सबसे बढ़कर मां ताप्ती को वर्षों से लगे गंदे पानी के जख्मों से स्थायी मुक्ति मिलेगी।
85 करोड़ की सीवरेज योजना को मिली स्वीकृति, अर्चना चिटनिस


