सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-सांसद ज्ञानेश्वर पाटील सहित जनप्रतिनिधियों ने राजघाट के शिव मंदिर में
सूर्यपुत्र ताप्ती नदी के जल से किया जलाभिषेक व पूजन हर हर महादेव से गूंज उठा परिसर
- सांसद ने कहा बार-बार आक्रांताओ के निशाना बनाने के बाद भी आस्था की अटूट शक्ति का प्रतीक बनकर खड़ा है सोमनाथ मंदिर
- महापौर-जिलाध्यक्ष ने भी किया जलाभिषेक
- सभी ने सामूहिक मंत्रोच्चार भी किया
बुरहानपुर।सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक गौरव की अक्षुण्ण विरासत सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के एक हजार साल पूरे होने पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया जा रहा है।
इसी कड़ी में शनिवार को बुरहानपुर के सूर्यपुत्र ताप्ती नदी के राजघाट पर खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील, महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ मनोज माने सहित जनप्रतिनिधियों ने ताप्ती नदी के जल से शिव मंदिर में जलाभिषेक एवं शिवलिंग पूजन किया तत्पश्चात ताप्ती मैया की आरती की।
उक्त पूजन कार्यक्रम में मप्र पावरलूम फेडरेशन अध्यक्ष जयंती भाई नवलखे , पूर्व महापौर दिलीप श्रॉफ, अनिल भोसले, रेलवे सलाहकार समिति सदस्य पंकज नाटानी, जिला पंचायत सदस्य अनिल राठौर,भाजपा युवा नेता गजेंद्र पाटील, मंडल अध्यक्ष अमोल भगत, गणेश पाटील,मोर्चा अध्यक्ष सुनील वाघे,पार्षद व चैयरमैन भरत इंगले,नितेश दलाल,भरत मराठे,अमित नवलखे,वरिष्ठ पदाधिकारीगण, कार्यकर्तागण, मंडल एवं मोर्चे के पदाधिकारी, पार्षद गण,धर्मप्रेमी बंधु आदि मौजूद रहे।
अनेक हमले भी हमारी शाश्वत आस्था को डिगा नहीं सके
सांसद पाटील ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी 11 जनवरी को सोमनाथ मंदिर गुजरात में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होंगे। एक हजार वर्ष पूर्व, जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर ने अपने इतिहास का पहला आक्रमण झेला था। साल 1026 का आक्रमण और उसके बाद हुए अनेक हमले भी हमारी शाश्वत आस्था को डिगा नहीं सके। बल्कि इनसे भारत की सांस्कृतिक एकता की भावना और सशक्त हुई हैं। भगवान शिव का यह मंदिर आज भी भारत का समृद्ध इतिहास और आस्था की अटूट शक्ति का प्रतीक बनकर खड़ा है।पुनर्निर्मित मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष इस साल मई में होंगे पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष भी इसी वर्ष पूरे होंगे। 11 मई 1951 को भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी की उपस्थिति में सोमनाथ मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोला गया था।


